राजस्थान के भौतिक प्रदेश

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धरातल की बनावट के आधार पर राजस्थान को चार भौतिक प्रदेशों में बांटा जाता है — पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश, अरावली पर्वतीय प्रदेश, पूर्वी मैदानी प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी पठारी (हाड़ौती) प्रदेश। भूगर्भिक दृष्टि से राजस्थान प्राचीन गोंडवाना लैंड का भाग है, जबकि मरुस्थल व मैदान का क्षेत्र कभी टेथिस सागर से ढका था।

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61.11%
मरुस्थलीय प्रदेश
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1722 मी
गुरुशिखर (सिरोही)
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23%
पूर्वी मैदान
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6.89%
हाड़ौती पठार
📑 विषय सूची 11 टॉपिक

चारों प्रदेश एक नज़र में

भौतिक प्रदेशक्षेत्रफल (%)जनसंख्या (%)प्रमुख विशेषता
पश्चिमी मरुस्थल61.1140बालुका स्तूप, शुष्क जलवायु, आंतरिक प्रवाह
अरावली पर्वतीयलगभग 9लगभग 10विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमालाओं में
पूर्वी मैदानलगभग 23लगभग 39उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, सर्वाधिक जनघनत्व
हाड़ौती पठारलगभग 6.89लगभग 11काली मिट्टी, चंबल की सहायक नदियां

1. पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश (थार)

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थार का मरुस्थल

विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला व जैव-विविधता वाला मरुस्थल

अति महत्वपूर्ण
विस्तारअरावली के पश्चिम में
ऊंचाईसामान्यतः 200-300 मीटर
वर्षालगभग 20-50 सेमी (पश्चिम से पूर्व बढ़ती)
ढालउत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम
  • थार मरुस्थल का अधिकांश भाग (लगभग दो-तिहाई) राजस्थान में है; शेष पाकिस्तान, गुजरात, पंजाब व हरियाणा में।
  • 25 सेमी समवर्षा रेखा इसे दो भागों में बांटती है — पश्चिम में शुष्क मरुस्थल और पूर्व में अर्द्ध-शुष्क मरुस्थल।
  • जलवायु शुष्क व विषम — दिन बहुत गर्म, रातें ठंडी; गर्मियों में लू व आंधियां।

मरुस्थल के उप-विभाग

उप-प्रदेशक्षेत्रविशेषता
शुष्क रेतीला मरुस्थल (महान मरुस्थल)जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर का पश्चिमी भागबालुका स्तूपों की अधिकता; वर्षा 25 सेमी से कम
लूणी बेसिन (गोड़वाड़ प्रदेश)जोधपुर, बालोतरा, पाली, जालोरलूणी व सहायक नदियों का अपवाह क्षेत्र
शेखावाटी (बांगर)सीकर, झुंझुनूं, चूरूआंतरिक प्रवाह; कच्चे कुओं को "जोहड़" कहते हैं
नागौरी उच्च भूमिनागौर, डीडवाना-कुचामनखारे पानी की झीलें (डीडवाना, सांभर का भाग); फ्लोराइड युक्त जल
घग्घर का मैदानश्रीगंगानगर, हनुमानगढ़घग्घर नदी के जलोढ़ निक्षेप; इंदिरा गांधी नहर से सिंचित

बालुका स्तूप (धोरे) के प्रकार

🌙 बरखान

अर्द्धचंद्राकार गतिशील टीले; सर्वाधिक हानिकारक — चूरू, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर में।

〰️ अनुदैर्ध्य (रेखीय)

पवन की दिशा के समानांतर बनते हैं; पश्चिमी जैसलमेर-बाड़मेर में।

➖ अनुप्रस्थ

पवन की दिशा के लंबवत; बीकानेर, सूरतगढ़, चूरू क्षेत्र में।

🔺 पैराबोलिक

बरखान के उलट आकार (U/V आकृति); सर्वाधिक संख्या — लगभग पूरे मरुस्थल में।

⭐ तारा

अनियमित पवन दिशा से बने; मोहनगढ़, पोकरण (जैसलमेर), सूरतगढ़ क्षेत्र।

🌿 नेबखा

झाड़ियों के पीछे बने छोटे टीले; जोधपुर क्षेत्र।

मरुस्थल की प्रमुख स्थलाकृतियां

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लाठी सीरीज़ व आकल जीवाश्म पार्क

जैसलमेर · मरुस्थल की भूगर्भीय धरोहर

महत्वपूर्ण
  • लाठी सीरीज़ — पोकरण से मोहनगढ़ तक भूगर्भ में मीठे जल की पट्टी; इसके ऊपर पौष्टिक सेवण घास उगती है।
  • आकल वुड फॉसिल पार्क — जैसलमेर में लगभग 18 करोड़ वर्ष पुराने वृक्षों के जीवाश्म (जुरासिक काल), जो सिद्ध करते हैं कि यहां कभी घने वन थे।
  • मरुस्थल में भूगर्भ में खनिज तेल व प्राकृतिक गैस (बाड़मेर-सांचौर बेसिन, जैसलमेर) के भंडार हैं।

2. अरावली पर्वतीय प्रदेश

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अरावली पर्वतमाला

विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमालाओं में · राजस्थान की "जीवन रेखा"

अति महत्वपूर्ण
कुल लंबाईलगभग 692 किमी (पालनपुर, गुजरात → दिल्ली)
राजस्थान मेंलगभग 550 किमी (लगभग 80%)
दिशादक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व
उत्पत्तिप्री-कैम्ब्रियन काल (धारवाड़ क्रम)
  • राजस्थान में अरावली दक्षिण-पश्चिम में सिरोही से प्रवेश कर खेतड़ी (झुंझुनूं) तक फैली है।
  • अरावली की चौड़ाई व ऊंचाई दक्षिण-पश्चिम में अधिक तथा उत्तर-पूर्व में कम होती जाती है।
  • यह मानसूनी पवनों के समानांतर है, इसलिए पश्चिमी राजस्थान में वर्षा कम होती है; साथ ही यह मरुस्थल को पूर्व की ओर बढ़ने से रोकती है।
  • राज्य की प्रमुख जल विभाजक रेखा — इसके पूर्व की नदियां बंगाल की खाड़ी व पश्चिम की नदियां अरब सागर में जाती हैं।
  • अरावली क्षेत्र खनिजों का भंडार — तांबा, सीसा-जस्ता, संगमरमर, ग्रेनाइट आदि।

अरावली की प्रमुख चोटियां

चोटीऊंचाई (मीटर)जिला
गुरुशिखर1722सिरोही (माउंट आबू) — सर्वोच्च
सेर1597सिरोही
देलवाड़ा1442सिरोही
जरगा1431उदयपुर
अचलगढ़1380सिरोही
कुंभलगढ़1224राजसमंद
रघुनाथगढ़1055सीकर — उत्तरी अरावली की सर्वोच्च
खो920जयपुर
तारागढ़873अजमेर

⛰️ गुरुशिखर को कर्नल जेम्स टॉड ने "संतों का शिखर" कहा। यह हिमालय और नीलगिरि के बीच की सर्वोच्च चोटी है। यहां दत्तात्रेय का मंदिर है।

अरावली के तीन भाग

🔺 दक्षिणी अरावली

सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर — सबसे ऊंचा व चौड़ा भाग; गुरुशिखर, सेर, जरगा, कुंभलगढ़।

⛰️ मध्य अरावली

अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, जयपुर का भाग — निम्न ऊंचाई; तारागढ़, नाग पहाड़ (लूणी का उद्गम)।

🏔️ उत्तरी अरावली

जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, दौसा — बिखरी पहाड़ियां; रघुनाथगढ़, खो, भैराच, बबाई।

अरावली के पठार, भू-भाग व स्थानीय नाम

नामस्थितिविवरण
उड़िया पठारसिरोही (आबू)राज्य का सबसे ऊंचा पठार (लगभग 1360 मी); गुरुशिखर से नीचे
आबू पठारसिरोहीदूसरा सबसे ऊंचा पठार (लगभग 1200 मी)
भोराट पठारगोगुंदा (उदयपुर) से कुंभलगढ़ (राजसमंद) के बीचपश्चिमी बनास व सोम नदी का क्षेत्र
मेसा पठारचित्तौड़गढ़लगभग 620 मी ऊंचा; इस पर चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित
ऊपरमालभैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़) से बिजोलिया (भीलवाड़ा)बिजोलिया किसान आंदोलन का क्षेत्र
गिरवाउदयपुरउदयपुर के चारों ओर तश्तरीनुमा पहाड़ियां
देशहरोउदयपुरजरगा व रागा पहाड़ियों के बीच का हरा-भरा क्षेत्र
मगराउदयपुर का उत्तर-पश्चिमी भागपथरीला-पहाड़ी क्षेत्र
भाकरसिरोहीपूर्वी सिरोही की तीव्र ढाल वाली पहाड़ियां
छप्पन का पहाड़सिवाना (बालोतरा)ग्रेनाइट की गोलाकार पहाड़ियां; नाकोड़ा पर्वत

अरावली के प्रमुख दर्रे (नाल)

3. पूर्वी मैदानी प्रदेश

अरावली के पूर्व में स्थित यह प्रदेश नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से बना है। यह राज्य का सबसे उपजाऊ व सर्वाधिक जनघनत्व वाला क्षेत्र है। ढाल सामान्यतः पूर्व की ओर है।

उप-प्रदेशक्षेत्रविशेषता
बनास-बाणगंगा बेसिनभीलवाड़ा, टोंक, अजमेर, जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, भरतपुरसबसे बड़ा मैदानी भाग; "मालपुरा-करौली मैदान"
चंबल बेसिनकोटा, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुरबीहड़/डांग (उत्खात स्थलाकृति); अवनालिका अपरदन
छप्पन का मैदान (माही बेसिन)प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर56 गांवों का समूह; बांसवाड़ा-प्रतापगढ़ के बीच; प्रतापगढ़ क्षेत्र "कांठल"

📝 बीहड़/डांग: चंबल नदी के किनारे वर्षा जल द्वारा गहरी खाइयों (अवनालिकाओं) के रूप में बनी ऊबड़-खाबड़ भूमि। सर्वाधिक बीहड़ — धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर। डूंगरपुर-बांसवाड़ा के माही क्षेत्र को "वागड़" कहा जाता है।

4. दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती)

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हाड़ौती का पठार

मालवा पठार का उत्तरी विस्तार · दक्कन लावा से निर्मित

महत्वपूर्ण
जिलेकोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ (+ चित्तौड़गढ़ का पूर्वी भाग)
मिट्टीकाली (रेगुर) मिट्टी
प्रमुख नदीचंबल व सहायक — कालीसिंध, पार्वती, परवन, आहू
ढालदक्षिण से उत्तर-पूर्व
  • इसके दो भाग हैं — विंध्यन कगार भूमि (बलुआ पत्थर की कगारें) और दक्कन लावा पठार।
  • मुकुंदरा की पहाड़ियां — कोटा-झालावाड़ के बीच; बूंदी की पहाड़ियां — बूंदी से टोंक तक।
  • राज्य में सर्वाधिक वर्षा वाला जिला झालावाड़ इसी प्रदेश में है।
  • सोयाबीन, धनिया, संतरा (झालावाड़ — "राजस्थान का नागपुर") व अफीम की खेती के लिए प्रसिद्ध।

⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश — मरुस्थल (61.11%); सबसे छोटा — हाड़ौती। (2) सर्वोच्च चोटी — गुरुशिखर (1722 मी); उत्तरी अरावली की — रघुनाथगढ़। (3) सर्वाधिक जनघनत्व — पूर्वी मैदान।

वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)

  1. सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश — पश्चिमी मरुस्थल (61.11%)।
  2. सबसे छोटा भौतिक प्रदेश — हाड़ौती पठार।
  3. सर्वाधिक जनघनत्व — पूर्वी मैदान।
  4. अरावली — कुल 692 किमी; राजस्थान में लगभग 550 किमी।
  5. सर्वोच्च चोटी — गुरुशिखर (1722 मी, सिरोही); दूसरी — सेर (1597 मी)।
  6. उत्तरी अरावली की सर्वोच्च चोटी — रघुनाथगढ़ (सीकर)।
  7. सबसे ऊंचा पठार — उड़िया पठार; चित्तौड़गढ़ दुर्ग — मेसा पठार पर।
  8. मीठे भूजल की पट्टी — लाठी सीरीज़ (पोकरण-मोहनगढ़)।
  9. सर्वाधिक हानिकारक टीले — बरखान; सर्वाधिक संख्या — पैराबोलिक।
  10. बीहड़ — चंबल बेसिन (धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर)।

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।

1 राजस्थान का सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश कौन-सा है?

2 अरावली पर्वतमाला की सर्वोच्च चोटी गुरुशिखर की ऊंचाई कितनी है?

3 जरगा चोटी किस जिले में स्थित है?

4 उत्तरी अरावली की सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?

5 चित्तौड़गढ़ दुर्ग किस पठार पर स्थित है?

6 "लाठी सीरीज़" किस जिले में स्थित है?

7 अर्द्धचंद्राकार गतिशील बालुका स्तूप क्या कहलाते हैं?

8 चंबल नदी के किनारे बनी उत्खात स्थलाकृति क्या कहलाती है?

9 हाड़ौती पठार में मुख्यतः कौन-सी मिट्टी पाई जाती है?

10 अरावली पर्वतमाला की कुल लंबाई लगभग कितनी है?

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