राजस्थान के भौतिक प्रदेश
धरातल की बनावट के आधार पर राजस्थान को चार भौतिक प्रदेशों में बांटा जाता है — पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश, अरावली पर्वतीय प्रदेश, पूर्वी मैदानी प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी पठारी (हाड़ौती) प्रदेश। भूगर्भिक दृष्टि से राजस्थान प्राचीन गोंडवाना लैंड का भाग है, जबकि मरुस्थल व मैदान का क्षेत्र कभी टेथिस सागर से ढका था।
📑 विषय सूची 11 टॉपिक
चारों प्रदेश एक नज़र में
| भौतिक प्रदेश | क्षेत्रफल (%) | जनसंख्या (%) | प्रमुख विशेषता |
|---|---|---|---|
| पश्चिमी मरुस्थल | 61.11 | 40 | बालुका स्तूप, शुष्क जलवायु, आंतरिक प्रवाह |
| अरावली पर्वतीय | लगभग 9 | लगभग 10 | विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमालाओं में |
| पूर्वी मैदान | लगभग 23 | लगभग 39 | उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, सर्वाधिक जनघनत्व |
| हाड़ौती पठार | लगभग 6.89 | लगभग 11 | काली मिट्टी, चंबल की सहायक नदियां |
1. पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश (थार)
थार का मरुस्थल
विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला व जैव-विविधता वाला मरुस्थल
- थार मरुस्थल का अधिकांश भाग (लगभग दो-तिहाई) राजस्थान में है; शेष पाकिस्तान, गुजरात, पंजाब व हरियाणा में।
- 25 सेमी समवर्षा रेखा इसे दो भागों में बांटती है — पश्चिम में शुष्क मरुस्थल और पूर्व में अर्द्ध-शुष्क मरुस्थल।
- जलवायु शुष्क व विषम — दिन बहुत गर्म, रातें ठंडी; गर्मियों में लू व आंधियां।
मरुस्थल के उप-विभाग
| उप-प्रदेश | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| शुष्क रेतीला मरुस्थल (महान मरुस्थल) | जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर का पश्चिमी भाग | बालुका स्तूपों की अधिकता; वर्षा 25 सेमी से कम |
| लूणी बेसिन (गोड़वाड़ प्रदेश) | जोधपुर, बालोतरा, पाली, जालोर | लूणी व सहायक नदियों का अपवाह क्षेत्र |
| शेखावाटी (बांगर) | सीकर, झुंझुनूं, चूरू | आंतरिक प्रवाह; कच्चे कुओं को "जोहड़" कहते हैं |
| नागौरी उच्च भूमि | नागौर, डीडवाना-कुचामन | खारे पानी की झीलें (डीडवाना, सांभर का भाग); फ्लोराइड युक्त जल |
| घग्घर का मैदान | श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ | घग्घर नदी के जलोढ़ निक्षेप; इंदिरा गांधी नहर से सिंचित |
बालुका स्तूप (धोरे) के प्रकार
🌙 बरखान
अर्द्धचंद्राकार गतिशील टीले; सर्वाधिक हानिकारक — चूरू, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर में।
〰️ अनुदैर्ध्य (रेखीय)
पवन की दिशा के समानांतर बनते हैं; पश्चिमी जैसलमेर-बाड़मेर में।
➖ अनुप्रस्थ
पवन की दिशा के लंबवत; बीकानेर, सूरतगढ़, चूरू क्षेत्र में।
🔺 पैराबोलिक
बरखान के उलट आकार (U/V आकृति); सर्वाधिक संख्या — लगभग पूरे मरुस्थल में।
⭐ तारा
अनियमित पवन दिशा से बने; मोहनगढ़, पोकरण (जैसलमेर), सूरतगढ़ क्षेत्र।
🌿 नेबखा
झाड़ियों के पीछे बने छोटे टीले; जोधपुर क्षेत्र।
मरुस्थल की प्रमुख स्थलाकृतियां
- रन / टाट — टीलों के बीच की निम्न भूमि जहां वर्षा जल भरने से अस्थायी खारी झीलें बनती हैं। उदाहरण — कनोड़, बरमसर, भाकरी, पोकरण (जैसलमेर), बाप (फलोदी), थोब (बाड़मेर)।
- खड़ीन — जैसलमेर में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा विकसित वर्षा जल पर आधारित कृषि भूमि।
- हम्मादा — चट्टानी मरुस्थल; इर्ग — रेतीला मरुस्थल; रेग — मिश्रित (कंकड़-पत्थर वाला) मरुस्थल।
- धरियन — जैसलमेर में स्थानांतरी (गतिशील) बालुका स्तूपों को कहते हैं।
लाठी सीरीज़ व आकल जीवाश्म पार्क
जैसलमेर · मरुस्थल की भूगर्भीय धरोहर
- लाठी सीरीज़ — पोकरण से मोहनगढ़ तक भूगर्भ में मीठे जल की पट्टी; इसके ऊपर पौष्टिक सेवण घास उगती है।
- आकल वुड फॉसिल पार्क — जैसलमेर में लगभग 18 करोड़ वर्ष पुराने वृक्षों के जीवाश्म (जुरासिक काल), जो सिद्ध करते हैं कि यहां कभी घने वन थे।
- मरुस्थल में भूगर्भ में खनिज तेल व प्राकृतिक गैस (बाड़मेर-सांचौर बेसिन, जैसलमेर) के भंडार हैं।
2. अरावली पर्वतीय प्रदेश
अरावली पर्वतमाला
विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमालाओं में · राजस्थान की "जीवन रेखा"
- राजस्थान में अरावली दक्षिण-पश्चिम में सिरोही से प्रवेश कर खेतड़ी (झुंझुनूं) तक फैली है।
- अरावली की चौड़ाई व ऊंचाई दक्षिण-पश्चिम में अधिक तथा उत्तर-पूर्व में कम होती जाती है।
- यह मानसूनी पवनों के समानांतर है, इसलिए पश्चिमी राजस्थान में वर्षा कम होती है; साथ ही यह मरुस्थल को पूर्व की ओर बढ़ने से रोकती है।
- राज्य की प्रमुख जल विभाजक रेखा — इसके पूर्व की नदियां बंगाल की खाड़ी व पश्चिम की नदियां अरब सागर में जाती हैं।
- अरावली क्षेत्र खनिजों का भंडार — तांबा, सीसा-जस्ता, संगमरमर, ग्रेनाइट आदि।
अरावली की प्रमुख चोटियां
| चोटी | ऊंचाई (मीटर) | जिला |
|---|---|---|
| गुरुशिखर | 1722 | सिरोही (माउंट आबू) — सर्वोच्च |
| सेर | 1597 | सिरोही |
| देलवाड़ा | 1442 | सिरोही |
| जरगा | 1431 | उदयपुर |
| अचलगढ़ | 1380 | सिरोही |
| कुंभलगढ़ | 1224 | राजसमंद |
| रघुनाथगढ़ | 1055 | सीकर — उत्तरी अरावली की सर्वोच्च |
| खो | 920 | जयपुर |
| तारागढ़ | 873 | अजमेर |
⛰️ गुरुशिखर को कर्नल जेम्स टॉड ने "संतों का शिखर" कहा। यह हिमालय और नीलगिरि के बीच की सर्वोच्च चोटी है। यहां दत्तात्रेय का मंदिर है।
अरावली के तीन भाग
🔺 दक्षिणी अरावली
सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर — सबसे ऊंचा व चौड़ा भाग; गुरुशिखर, सेर, जरगा, कुंभलगढ़।
⛰️ मध्य अरावली
अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, जयपुर का भाग — निम्न ऊंचाई; तारागढ़, नाग पहाड़ (लूणी का उद्गम)।
🏔️ उत्तरी अरावली
जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, दौसा — बिखरी पहाड़ियां; रघुनाथगढ़, खो, भैराच, बबाई।
अरावली के पठार, भू-भाग व स्थानीय नाम
| नाम | स्थिति | विवरण |
|---|---|---|
| उड़िया पठार | सिरोही (आबू) | राज्य का सबसे ऊंचा पठार (लगभग 1360 मी); गुरुशिखर से नीचे |
| आबू पठार | सिरोही | दूसरा सबसे ऊंचा पठार (लगभग 1200 मी) |
| भोराट पठार | गोगुंदा (उदयपुर) से कुंभलगढ़ (राजसमंद) के बीच | पश्चिमी बनास व सोम नदी का क्षेत्र |
| मेसा पठार | चित्तौड़गढ़ | लगभग 620 मी ऊंचा; इस पर चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित |
| ऊपरमाल | भैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़) से बिजोलिया (भीलवाड़ा) | बिजोलिया किसान आंदोलन का क्षेत्र |
| गिरवा | उदयपुर | उदयपुर के चारों ओर तश्तरीनुमा पहाड़ियां |
| देशहरो | उदयपुर | जरगा व रागा पहाड़ियों के बीच का हरा-भरा क्षेत्र |
| मगरा | उदयपुर का उत्तर-पश्चिमी भाग | पथरीला-पहाड़ी क्षेत्र |
| भाकर | सिरोही | पूर्वी सिरोही की तीव्र ढाल वाली पहाड़ियां |
| छप्पन का पहाड़ | सिवाना (बालोतरा) | ग्रेनाइट की गोलाकार पहाड़ियां; नाकोड़ा पर्वत |
अरावली के प्रमुख दर्रे (नाल)
- अरावली में पहाड़ियों के बीच के संकरे मार्गों को "नाल" कहते हैं।
- प्रमुख नालें — देसूरी नाल (पाली-राजसमंद), हाथी गुढ़ा की नाल (कुंभलगढ़ के पास), जीलवा की नाल (पगल्या नाल), सोमेश्वर नाल, केवड़ा की नाल (उदयपुर), फुलवारी की नाल (उदयपुर)।
- अजमेर क्षेत्र के बर, परवेरिया, शिवपुर घाट, सूरा घाट दर्रे भी प्रसिद्ध हैं।
3. पूर्वी मैदानी प्रदेश
अरावली के पूर्व में स्थित यह प्रदेश नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से बना है। यह राज्य का सबसे उपजाऊ व सर्वाधिक जनघनत्व वाला क्षेत्र है। ढाल सामान्यतः पूर्व की ओर है।
| उप-प्रदेश | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| बनास-बाणगंगा बेसिन | भीलवाड़ा, टोंक, अजमेर, जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, भरतपुर | सबसे बड़ा मैदानी भाग; "मालपुरा-करौली मैदान" |
| चंबल बेसिन | कोटा, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर | बीहड़/डांग (उत्खात स्थलाकृति); अवनालिका अपरदन |
| छप्पन का मैदान (माही बेसिन) | प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर | 56 गांवों का समूह; बांसवाड़ा-प्रतापगढ़ के बीच; प्रतापगढ़ क्षेत्र "कांठल" |
📝 बीहड़/डांग: चंबल नदी के किनारे वर्षा जल द्वारा गहरी खाइयों (अवनालिकाओं) के रूप में बनी ऊबड़-खाबड़ भूमि। सर्वाधिक बीहड़ — धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर। डूंगरपुर-बांसवाड़ा के माही क्षेत्र को "वागड़" कहा जाता है।
4. दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती)
हाड़ौती का पठार
मालवा पठार का उत्तरी विस्तार · दक्कन लावा से निर्मित
- इसके दो भाग हैं — विंध्यन कगार भूमि (बलुआ पत्थर की कगारें) और दक्कन लावा पठार।
- मुकुंदरा की पहाड़ियां — कोटा-झालावाड़ के बीच; बूंदी की पहाड़ियां — बूंदी से टोंक तक।
- राज्य में सर्वाधिक वर्षा वाला जिला झालावाड़ इसी प्रदेश में है।
- सोयाबीन, धनिया, संतरा (झालावाड़ — "राजस्थान का नागपुर") व अफीम की खेती के लिए प्रसिद्ध।
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश — मरुस्थल (61.11%); सबसे छोटा — हाड़ौती। (2) सर्वोच्च चोटी — गुरुशिखर (1722 मी); उत्तरी अरावली की — रघुनाथगढ़। (3) सर्वाधिक जनघनत्व — पूर्वी मैदान।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश — पश्चिमी मरुस्थल (61.11%)।
- सबसे छोटा भौतिक प्रदेश — हाड़ौती पठार।
- सर्वाधिक जनघनत्व — पूर्वी मैदान।
- अरावली — कुल 692 किमी; राजस्थान में लगभग 550 किमी।
- सर्वोच्च चोटी — गुरुशिखर (1722 मी, सिरोही); दूसरी — सेर (1597 मी)।
- उत्तरी अरावली की सर्वोच्च चोटी — रघुनाथगढ़ (सीकर)।
- सबसे ऊंचा पठार — उड़िया पठार; चित्तौड़गढ़ दुर्ग — मेसा पठार पर।
- मीठे भूजल की पट्टी — लाठी सीरीज़ (पोकरण-मोहनगढ़)।
- सर्वाधिक हानिकारक टीले — बरखान; सर्वाधिक संख्या — पैराबोलिक।
- बीहड़ — चंबल बेसिन (धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर)।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 राजस्थान का सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश कौन-सा है?
2 अरावली पर्वतमाला की सर्वोच्च चोटी गुरुशिखर की ऊंचाई कितनी है?
3 जरगा चोटी किस जिले में स्थित है?
4 उत्तरी अरावली की सर्वोच्च चोटी कौन-सी है?
5 चित्तौड़गढ़ दुर्ग किस पठार पर स्थित है?
6 "लाठी सीरीज़" किस जिले में स्थित है?
7 अर्द्धचंद्राकार गतिशील बालुका स्तूप क्या कहलाते हैं?
8 चंबल नदी के किनारे बनी उत्खात स्थलाकृति क्या कहलाती है?
9 हाड़ौती पठार में मुख्यतः कौन-सी मिट्टी पाई जाती है?
10 अरावली पर्वतमाला की कुल लंबाई लगभग कितनी है?