राजस्थान के प्रमुख त्योहार
राजस्थान में कहावत है — "सात वार, नौ त्योहार", यानी यहां सप्ताह के सात दिनों में नौ त्योहार होते हैं। यहां के त्योहार ऋतुओं, खेती, लोक आस्था व पारिवारिक संबंधों से गहराई से जुड़े हैं। गणगौर और तीज स्त्रियों के सबसे बड़े पर्व हैं, जिनकी शाही सवारियां जयपुर, उदयपुर और बूंदी में प्रसिद्ध हैं। अधिकांश त्योहार हिंदू पंचांग (विक्रम संवत) की तिथियों पर मनाए जाते हैं। मेलों की जानकारी के लिए मेले पेज देखें।
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गणगौर
गणगौर
ईसर-गौर (शिव-पार्वती) की पूजा · स्त्रियों का सबसे प्रमुख पर्व
- सुहागिनें अखंड सौभाग्य के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए 18 दिन तक ईसर-गणगौर की पूजा करती हैं।
- होली की राख व मिट्टी से पिंडियां बनाकर पूजा की जाती है; स्त्रियां "गौर-गौर गोमती, ईसर पूजे पार्वती" गीत गाती हैं।
- कहावत — "तीज त्योहारां बावड़ी, ले डूबी गणगौर" — अर्थात त्योहारों का क्रम श्रावण की तीज से शुरू होकर चैत्र की गणगौर पर समाप्त होता है।
- जयपुर की गणगौर की शाही सवारी (सिटी पैलेस से) तथा उदयपुर में पिछोला झील के गणगौर घाट पर नौका उत्सव प्रसिद्ध।
- उदयपुर का मेवाड़ उत्सव गणगौर के अवसर पर ही मनाया जाता है।
🪄 धींगा गवर (जोधपुर)
वैशाख कृष्ण तृतीया; "बेंतमार गणगौर" — रात में स्त्रियां स्वांग रचकर पुरुषों पर बेंत मारती हैं; विधवाएं भी भाग लेती हैं। PYQ
🌹 गुलाबी गणगौर (नाथद्वारा)
गणगौर के बाद चैत्र शुक्ल पंचमी को; गुलाबी वस्त्र पहनकर पूजा।
👑 बीकानेर की गणगौर
"चांदमल ढड्ढा की गणगौर" प्रसिद्ध — सोने के आभूषणों से सजी प्रतिमा।
🚫 बिना ईसर की गणगौर
जैसलमेर में गणगौर की सवारी ईसर के बिना निकाली जाती है।
तीज
तीज
सावन का उत्सव · झूले, लहरिया, घेवर
| तीज | तिथि | प्रसिद्ध स्थान | विशेष |
|---|---|---|---|
| हरियाली / छोटी / सावनी तीज | श्रावण शुक्ल तृतीया | जयपुर | तीज माता की शाही सवारी; झूले व लहरिया |
| कजली / बड़ी / सातुड़ी तीज | भाद्रपद कृष्ण तृतीया | बूंदी | सत्तू खाकर व्रत खोलना; कजली तीज की सवारी |
- तीज पर स्त्रियां लहरिया ओढ़ती हैं, मेहंदी लगाती हैं, झूला झूलती हैं और घेवर मिठाई बनती है।
- नवविवाहिता को तीज से एक दिन पहले ससुराल से आने वाले उपहार (वस्त्र, श्रृंगार, मिठाई) को "सिंजारा" कहते हैं।
- श्रावण की तीज से ही राजस्थान में त्योहारों का क्रम आरंभ माना जाता है।
आखा तीज (अक्षय तृतीया)
- तिथि — वैशाख शुक्ल तृतीया; इसे "अबूझ सावा" माना जाता है — बिना मुहूर्त देखे विवाह।
- बीकानेर का स्थापना दिवस (राव बीका, 1488) — इस दिन बीकानेर में पतंगबाज़ी होती है। PYQ
- किसान इस दिन खेती का शुभारंभ करते हैं; सात अनाज (खीचड़ा) बनाया जाता है।
- आखा तीज पर बड़ी संख्या में बाल विवाह होने के कारण प्रशासन विशेष निगरानी करता है।
होली व राजस्थान की विशिष्ट होलियां
होली फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन के साथ मनाई जाती है; अगले दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को रंग खेला जाता है, जिसे धुलंडी कहते हैं। राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में होली के अनोखे रूप देखने को मिलते हैं —
| होली | स्थान | विशेषता |
|---|---|---|
| लट्ठमार होली | श्री महावीरजी (करौली), ब्रज क्षेत्र | स्त्रियां पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं, पुरुष ढाल से बचाव करते हैं |
| पत्थरमार होली | बाड़मेर | एक-दूसरे पर पत्थर फेंकने की परंपरा |
| कोड़ामार होली | भिनाय (अजमेर) व शेखावाटी | देवर-भाभी की होली; भाभियां कोड़े (कपड़े के) मारती हैं |
| डोलची होली | बीकानेर | चमड़े की डोलची में पानी भरकर एक-दूसरे पर फेंकना |
| गींदड़ व चंग | शेखावाटी | होली से पहले गींदड़ नृत्य व चंग पर धमाल |
| गैर | मेवाड़-मारवाड़ | होली पर पुरुषों का डंडों से गोल घेरे में नृत्य |
| हाथी उत्सव | जयपुर | होली के अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा |
शीतलाष्टमी (बास्योड़ा)
- तिथि — चैत्र कृष्ण अष्टमी; शीतला माता (चेचक की देवी) की पूजा।
- एक दिन पहले बनाया गया ठंडा (बासी) भोजन खाया जाता है, इसलिए "बास्योड़ा" कहते हैं; इस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता।
- चाकसू (जयपुर) की शील की डूंगरी पर विशाल मेला। PYQ
- भीलवाड़ा में इस दिन "मुर्दे की सवारी" की अनोखी परंपरा है।
अन्य प्रमुख हिंदू त्योहार
| त्योहार | तिथि | राजस्थान में विशेषता |
|---|---|---|
| मकर संक्रांति | 14/15 जनवरी | जयपुर में पतंगबाज़ी व पतंग उत्सव; तिल-गुड़ के लड्डू; दान-पुण्य |
| बसंत पंचमी | माघ शुक्ल पंचमी | सरस्वती पूजा; पीले वस्त्र |
| रामनवमी | चैत्र शुक्ल नवमी | चैत्र नवरात्र का समापन |
| नाग पंचमी | श्रावण कृष्ण पंचमी | नाग देवता की पूजा; गोगाजी से जुड़ी आस्था |
| रक्षाबंधन | श्रावण पूर्णिमा | भाई-बहन का पर्व; "रक्षा सूत्र" |
| जन्माष्टमी | भाद्रपद कृष्ण अष्टमी | नाथद्वारा (श्रीनाथजी) में विशेष उत्सव |
| बछ बारस | भाद्रपद कृष्ण द्वादशी | गाय-बछड़े की पूजा; पुत्र की मंगल कामना; गेहूं व चाकू से कटी वस्तुएं वर्जित |
| गोगा नवमी | भाद्रपद कृष्ण नवमी | गोगाजी की पूजा; गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) में मेला |
| तेजा दशमी | भाद्रपद शुक्ल दशमी | तेजाजी की पूजा; परबतसर में मेला |
| नवरात्र व दशहरा | आश्विन शुक्ल 1-10 | दुर्गा पूजा; कोटा का राष्ट्रीय दशहरा मेला |
| दीपावली | कार्तिक अमावस्या | लक्ष्मी पूजा; अगले दिन गोवर्धन पूजा व अन्नकूट (नाथद्वारा में प्रसिद्ध), फिर भाई दूज |
| कार्तिक पूर्णिमा | कार्तिक पूर्णिमा | पुष्कर, कोलायत व चंद्रभागा (झालरापाटन) में स्नान व मेले |
अन्य धर्मों के प्रमुख पर्व
☸️ जैन पर्व
महावीर जयंती (चैत्र शुक्ल त्रयोदशी) — श्री महावीरजी (करौली) में मेला; पर्युषण (भाद्रपद) — क्षमावाणी।
☪️ मुस्लिम पर्व
ईद-उल-फितर, ईद-उल-अज़हा, मुहर्रम (ताज़िए); अजमेर का उर्स — रजब माह की 1 से 6 तारीख।
☬ सिख पर्व
बैसाखी (अप्रैल) व गुरु नानक जयंती — श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र में विशेष उत्साह।
🏹 जनजातीय पर्व
भीलों की गवरी — रक्षाबंधन के बाद लगभग 40 दिन चलने वाला नृत्य-नाट्य उत्सव; होली व दीपावली भी उत्साह से।
माहवार प्रमुख त्योहार (विक्रम संवत)
| माह | प्रमुख त्योहार |
|---|---|
| चैत्र | धुलंडी, गणगौर, शीतलाष्टमी, चैत्र नवरात्र, रामनवमी, महावीर जयंती |
| वैशाख | धींगा गवर, आखा तीज, बैसाखी |
| श्रावण | नाग पंचमी, हरियाली तीज, रक्षाबंधन |
| भाद्रपद | कजली तीज, जन्माष्टमी, गोगा नवमी, बछ बारस, रामदेवजी का मेला, तेजा दशमी, पर्युषण |
| आश्विन | श्राद्ध पक्ष, नवरात्र, दशहरा, शरद पूर्णिमा (मारवाड़ उत्सव) |
| कार्तिक | दीपावली, गोवर्धन-अन्नकूट, भाई दूज, कार्तिक पूर्णिमा (पुष्कर मेला) |
| माघ | बसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा (बेणेश्वर मेला, मरु महोत्सव) |
| फाल्गुन | महाशिवरात्रि, होली |
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) छोटी तीज — श्रावण शुक्ल 3 (जयपुर); बड़ी तीज — भाद्रपद कृष्ण 3 (बूंदी)। (2) गणगौर — चैत्र शुक्ल 3; धींगा गवर — वैशाख कृष्ण 3; आखा तीज — वैशाख शुक्ल 3 — तीनों तृतीया हैं। (3) डोलची होली — बीकानेर; पत्थरमार — बाड़मेर; लट्ठमार — महावीरजी।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- गणगौर — चैत्र शुक्ल तृतीया; पूजन 18 दिन (धुलंडी से)।
- धींगा गवर (बेंतमार गणगौर) — जोधपुर, वैशाख कृष्ण तृतीया।
- बिना ईसर की गणगौर — जैसलमेर; गुलाबी गणगौर — नाथद्वारा।
- "तीज त्योहारां बावड़ी, ले डूबी गणगौर" — तीज से त्योहार शुरू, गणगौर पर समाप्त।
- छोटी (हरियाली) तीज — श्रावण शुक्ल तृतीया (जयपुर)।
- बड़ी (कजली/सातुड़ी) तीज — भाद्रपद कृष्ण तृतीया (बूंदी)।
- नवविवाहिता को तीज का उपहार — सिंजारा।
- आखा तीज — वैशाख शुक्ल तृतीया; बीकानेर का स्थापना दिवस; "अबूझ सावा"।
- धुलंडी — चैत्र कृष्ण प्रतिपदा।
- लट्ठमार होली — महावीरजी; पत्थरमार — बाड़मेर; डोलची — बीकानेर; कोड़ामार — भिनाय।
- शीतलाष्टमी — चैत्र कृष्ण अष्टमी; मेला — चाकसू (शील की डूंगरी)।
- बछ बारस — भाद्रपद कृष्ण द्वादशी; गाय-बछड़े की पूजा।
- तेजा दशमी — भाद्रपद शुक्ल दशमी; गोगा नवमी — भाद्रपद कृष्ण नवमी।
- अन्नकूट — नाथद्वारा (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा); राष्ट्रीय दशहरा मेला — कोटा।
- भीलों का 40 दिवसीय नृत्य-नाट्य पर्व — गवरी; उर्स — रजब 1-6।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 गणगौर का मुख्य पर्व किस तिथि को मनाया जाता है?
2 गणगौर का पूजन कितने दिनों तक चलता है?
3 "धींगा गवर" किस शहर से संबंधित है?
4 बिना ईसर की गणगौर सवारी कहां निकलती है?
5 कजली तीज के लिए कौन-सा शहर प्रसिद्ध है?
6 हरियाली (छोटी) तीज किस तिथि को मनाई जाती है?
7 तीज पर ससुराल से नवविवाहिता को आने वाला उपहार क्या कहलाता है?
8 बीकानेर का स्थापना दिवस किस पर्व पर मनाया जाता है?
9 डोलची होली कहां खेली जाती है?
10 पत्थरमार होली कहां खेली जाती है?
11 शीतलाष्टमी का प्रसिद्ध मेला कहां लगता है?
12 बछ बारस पर किसकी पूजा की जाती है?
13 तेजा दशमी किस तिथि को मनाई जाती है?
14 अन्नकूट उत्सव के लिए कौन-सा स्थान प्रसिद्ध है?
15 भीलों का लगभग 40 दिन चलने वाला नृत्य-नाट्य उत्सव कौन-सा है?