राजस्थान में प्रजामंडल आंदोलन
रियासतों में उत्तरदायी शासन और नागरिक अधिकारों की मांग को लेकर प्रजामंडल (प्रजा परिषद / लोक परिषद) बनाए गए। 1938 के हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन के बाद रियासतों में ये संगठन तेज़ी से बने और स्वतंत्रता संग्राम को गांव-गांव तक पहुंचाया।
📑 विषय सूची 9 टॉपिक
पृष्ठभूमि व प्रारंभिक संगठन
- राजस्थान सेवा संघ (1919): विजयसिंह पथिक ने वर्धा में स्थापना की; 1920 में मुख्यालय अजमेर लाया गया। समाचार पत्र — "राजस्थान केसरी" व "नवीन राजस्थान"।
- राजपूताना मध्य भारत सभा (1918-19): रियासती जनता की समस्याएं उठाने वाला प्रारंभिक संगठन।
- अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद (1927, बंबई): रियासतों के जनआंदोलनों का राष्ट्रीय मंच।
- हरिपुरा अधिवेशन (1938): कांग्रेस ने तय किया कि रियासतों में आंदोलन वहां की जनता अपने संगठनों (प्रजामंडलों) के माध्यम से चलाएगी — इसके बाद अधिकांश रियासतों में प्रजामंडल बने।
प्रमुख प्रजामंडल
जयपुर प्रजामंडल
राजस्थान का प्रथम प्रजामंडल (1931)
- 1931 में कपूरचंद पाटनी ने स्थापना की; 1936-37 में जमनालाल बजाज व हीरालाल शास्त्री ने पुनर्गठन किया (1938 में जमनालाल बजाज अध्यक्ष)।
- 1942 में हीरालाल शास्त्री और जयपुर के प्रधानमंत्री मिर्ज़ा इस्माइल के बीच "जेंटलमेन एग्रीमेंट" हुआ, जिसके कारण जयपुर प्रजामंडल भारत छोड़ो आंदोलन से अलग रहा।
- इसके विरोध में बाबा हरिश्चंद्र ने "आज़ाद मोर्चा" बनाकर आंदोलन चलाया।
मेवाड़ प्रजामंडल
24 अप्रैल 1938 · माणिक्यलाल वर्मा
- संस्थापक माणिक्यलाल वर्मा; अध्यक्ष बलवंतसिंह मेहता; अन्य — भूरेलाल बया।
- स्थापना के तुरंत बाद मेवाड़ सरकार ने इसे अवैध घोषित किया; वर्मा ने अजमेर से "मेवाड़ का वर्तमान शासन" पुस्तिका लिखकर प्रचार किया।
- 1942 में प्रजामंडल ने महाराणा को अंग्रेज़ों से संबंध तोड़ने का अल्टीमेटम दिया और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भाग लिया।
मारवाड़ (जोधपुर) में आंदोलन
जयनारायण व्यास — "लोकनायक"
- मारवाड़ हितकारिणी सभा (1918) — चांदमल सुराणा; मारवाड़ यूथ लीग (1931) — जयनारायण व्यास।
- मारवाड़ प्रजामंडल (1934) और मारवाड़ लोक परिषद (1938) — अध्यक्ष रणछोड़दास गट्टानी; नेतृत्व जयनारायण व्यास।
- भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल में बालमुकुंद बिस्सा की मृत्यु (1942)।
- जयनारायण व्यास के समाचार पत्र — "आगीबाण" (राजस्थानी), "अखंड भारत"।
🐫 बीकानेर
बीकानेर प्रजामंडल (1936) — मघाराम वैद्य ने कलकत्ता में; बीकानेर राज्य प्रजा परिषद (1942) — रघुवरदयाल गोयल। 1 जुलाई 1946 को रायसिंहनगर में तिरंगा झंडा लेकर चलते हुए बीरबलसिंह शहीद।
🐅 कोटा
हाड़ौती प्रजामंडल (1934) व कोटा राज्य प्रजामंडल (1939) — नैणूराम शर्मा व अभिन्न हरि। 1942 में आंदोलनकारियों ने कोटा शहर का प्रशासन कुछ दिनों तक अपने हाथ में ले लिया।
🏜️ जैसलमेर
जैसलमेर प्रजामंडल (1945) — मीठालाल व्यास (जोधपुर में)। सागरमल गोपा ने "जैसलमेर का गुंडाराज" लिखी; जेल में यातनाओं के बाद 4 अप्रैल 1946 को जलाकर मारे गए।
🩸 धौलपुर
धौलपुर प्रजामंडल (1936) — कृष्णदत्त पालीवाल। 11 अप्रैल 1947 को तसीमो गांव में तिरंगा फहराने पर गोलीबारी — ठाकुर छत्तरसिंह व पंचमसिंह शहीद (तसीमो कांड)।
🗻 सिरोही
सिरोही प्रजामंडल (1939) — गोकुलभाई भट्ट ("राजस्थान का गांधी")।
🏰 शाहपुरा
शाहपुरा प्रजामंडल (1938) — रमेशचंद्र ओझा, लादूराम व्यास। शाहपुरा राजस्थान की पहली रियासत जहां पूर्ण उत्तरदायी शासन (1947) स्थापित हुआ।
प्रजामंडल — स्थापना वर्ष व संस्थापक
| प्रजामंडल | वर्ष | संस्थापक / प्रमुख नेता |
|---|---|---|
| जयपुर | 1931 | कपूरचंद पाटनी; जमनालाल बजाज, हीरालाल शास्त्री |
| बूंदी | 1931 | कांतिलाल |
| हाड़ौती | 1934 | नैणूराम शर्मा |
| मारवाड़ | 1934 | जयनारायण व्यास, भंवरलाल सर्राफ |
| बीकानेर | 1936 | मघाराम वैद्य |
| धौलपुर | 1936 | कृष्णदत्त पालीवाल |
| मेवाड़ | 1938 | माणिक्यलाल वर्मा |
| अलवर | 1938 | हरिनारायण शर्मा, कुंजबिहारी मोदी |
| भरतपुर | 1938 | किशनलाल जोशी, गोपीलाल यादव; जुगलकिशोर चतुर्वेदी |
| करौली | 1938 | त्रिलोकचंद माथुर |
| शाहपुरा | 1938 | रमेशचंद्र ओझा, लादूराम व्यास |
| मारवाड़ लोक परिषद | 1938 | रणछोड़दास गट्टानी, जयनारायण व्यास |
| कोटा | 1939 | नैणूराम शर्मा, अभिन्न हरि |
| सिरोही | 1939 | गोकुलभाई भट्ट |
| किशनगढ़ | 1939 | कांतिलाल चौथाणी |
| बांसवाड़ा | 1943 | भूपेंद्रनाथ त्रिवेदी |
| डूंगरपुर | 1944 | भोगीलाल पंड्या |
| जैसलमेर | 1945 | मीठालाल व्यास |
| प्रतापगढ़ | 1945 | चुन्नीलाल, अमृतलाल पायक |
| झालावाड़ | 1946 | मांगीलाल भव्य |
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में राजस्थान
- मेवाड़ — प्रजामंडल ने महाराणा को अल्टीमेटम दिया; माणिक्यलाल वर्मा सहित नेता गिरफ्तार; उदयपुर में विद्यार्थियों का आंदोलन।
- जयपुर — जेंटलमेन एग्रीमेंट के कारण प्रजामंडल अलग रहा; बाबा हरिश्चंद्र का आज़ाद मोर्चा सक्रिय।
- कोटा — आंदोलनकारियों ने शहर पर अस्थायी नियंत्रण किया।
- मारवाड़ — लोक परिषद का आंदोलन; बालमुकुंद बिस्सा की जेल में मृत्यु।
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) प्रथम प्रजामंडल — जयपुर (1931), कपूरचंद पाटनी। (2) मेवाड़ प्रजामंडल — माणिक्यलाल वर्मा (1938)। (3) मारवाड़ लोक परिषद — जयनारायण व्यास (1938)।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- राजस्थान सेवा संघ — विजयसिंह पथिक, 1919, वर्धा (1920 में अजमेर)।
- राजस्थान का प्रथम प्रजामंडल — जयपुर (1931), कपूरचंद पाटनी।
- हरिपुरा अधिवेशन — 1938।
- जेंटलमेन एग्रीमेंट — हीरालाल शास्त्री व मिर्ज़ा इस्माइल (1942)।
- आज़ाद मोर्चा — बाबा हरिश्चंद्र।
- मेवाड़ प्रजामंडल — 24 अप्रैल 1938, माणिक्यलाल वर्मा।
- बीकानेर प्रजामंडल — मघाराम वैद्य, 1936, कलकत्ता।
- रायसिंहनगर में शहीद — बीरबलसिंह (1 जुलाई 1946)।
- जैसलमेर जेल में शहीद — सागरमल गोपा (4 अप्रैल 1946)।
- तसीमो कांड — धौलपुर, 11 अप्रैल 1947।
- "राजस्थान का गांधी" — गोकुलभाई भट्ट।
- पहला पूर्ण उत्तरदायी शासन — शाहपुरा।
- बूंदी प्रजामंडल — 1931, कांतिलाल।
- बीकानेर प्रजामंडल — मघाराम वैद्य (1936, कलकत्ता में)।
- अलवर प्रजामंडल — हरिनारायण शर्मा (1938)।
- करौली प्रजामंडल — त्रिलोकचंद माथुर (1938)।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 राजस्थान का प्रथम प्रजामंडल कौनसा था?
2 "जेंटलमेन एग्रीमेंट" किनके बीच हुआ?
3 मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना किसने की?
4 बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना कहां हुई?
5 सागरमल गोपा का संबंध किस रियासत से था?
6 तसीमो कांड किस रियासत में हुआ?
7 "राजस्थान का गांधी" किसे कहा जाता है?
8 राजस्थान सेवा संघ की स्थापना कहां हुई?
9 बीरबलसिंह कहां शहीद हुए?
10 किस रियासत में पहली बार पूर्ण उत्तरदायी शासन स्थापित हुआ?