राजस्थान की सिंचाई परियोजनाएं

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राजस्थान में देश के कुल सतही जल का लगभग 1% ही उपलब्ध है, जबकि क्षेत्रफल 10% से अधिक है। इसलिए सिंचाई के लिए राज्य को भूजल और पड़ोसी राज्यों से आने वाली नदियों के जल पर बनी अंतरराज्यीय परियोजनाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। इंदिरा गांधी नहर को राजस्थान की "मरुगंगा" और "जीवन रेखा" कहा जाता है।

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कुएं-नलकूप
सिंचाई का प्रमुख साधन
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649 किमी
इंदिरा गांधी नहर (फीडर सहित)
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1927
गंग नहर (महाराजा गंगासिंह)
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50 : 50
चंबल परियोजना (राज.-मप्र)
📑 विषय सूची 9 टॉपिक

सिंचाई के साधन

साधनस्थानप्रमुख क्षेत्र
कुएं व नलकूपप्रथम (सर्वाधिक सिंचित क्षेत्र)जयपुर, अलवर, भरतपुर, जोधपुर, नागौर — पूर्वी व मध्य राजस्थान
नहरेंद्वितीयश्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, कोटा, बूंदी
तालाबतृतीयभीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ — दक्षिण-पूर्वी पठारी भाग

इंदिरा गांधी नहर परियोजना

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इंदिरा गांधी नहर

मरुगंगा · राजस्थान की जीवन रेखा · विश्व की बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में

अति महत्वपूर्ण
परिकल्पनाकंवरसेन (1948) — "इंदिरा नहर के जनक"
शिलान्यास31 मार्च 1958 (गोविंद वल्लभ पंत)
उद्गमहरिके बैराज (सतलुज-व्यास संगम, पंजाब)
राजस्थान में प्रवेशमसीतावाली हैड (हनुमानगढ़)
लंबाईफीडर 204 किमी + मुख्य नहर 445 किमी = 649 किमी
पुराना नामराजस्थान नहर (2 नवंबर 1984 को नाम बदला)
  • मुख्य नहर मोहनगढ़ (जैसलमेर) तक जाती है; अंतिम छोर पर गडरा रोड (बाड़मेर) तक शाखाएं।
  • पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के बीच बहने वाले फीडर से पानी आता है; जल मुख्यतः रावी-व्यास नदियों का (पौंग बांध से)।
  • दो चरणों में निर्मित — प्रथम चरण पूगल (बीकानेर) तक; द्वितीय चरण पूगल से मोहनगढ़ तक।
  • इससे जुड़ी 7 लिफ्ट नहरें — चौधरी कुंभाराम आर्य, कंवरसेन, पन्नालाल बारूपाल, वीर तेजाजी, डॉ. करणीसिंह, गुरु जंभेश्वर, जयनारायण व्यास (लिफ्ट नहरों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जाता है)।
  • लाभ — मरुस्थल में हरियाली, पेयजल, कृषि विस्तार, मरुस्थल प्रसार पर रोक; समस्याएं — सेम (जलभराव), लवणीयता, मलेरिया।

प्रमुख अंतरराज्यीय परियोजनाएं

परियोजनानदीसाझेदार / हिस्साप्रमुख तथ्य
गंग नहरसतलुजबीकानेर रियासतमहाराजा गंगासिंह; 26 अक्टूबर 1927 को उद्घाटन; हुसैनीवाला (फिरोजपुर) से; राज्य की प्रथम नहर परियोजना; शिवपुर हैड (श्रीगंगानगर) में प्रवेश
भाखड़ा-नांगलसतलुजपंजाब, हरियाणा, राजस्थान (राज. का हिस्सा 15.22%)भाखड़ा बांध (हिमाचल) — गोविंद सागर जलाशय; नेहरू ने "पुनरुत्थित भारत का नवीन मंदिर" कहा
व्यास परियोजनाव्यासपंजाब, हरियाणा, राजस्थानपौंग बांध (हिमाचल) व पंडोह बांध; इंदिरा गांधी नहर को जल
चंबल परियोजनाचंबलराजस्थान-मप्र 50 : 50तीन चरण — गांधी सागर (मप्र), राणा प्रताप सागर (रावतभाटा), जवाहर सागर (कोटा) व कोटा बैराज
माही बजाज सागरमाहीराजस्थान-गुजरात 45 : 55बोरखेड़ा (बांसवाड़ा) में बांध; जमनालाल बजाज के नाम पर; गुजरात में कडाना बांध; आदिवासी क्षेत्र की प्रमुख परियोजना
नर्मदा नहरनर्मदागुजरात, मप्र, महाराष्ट्र, राजस्थानसरदार सरोवर बांध (गुजरात) से; सीलू (जालोर) में प्रवेश; जालोर-बाड़मेर लाभान्वित; सिंचाई केवल फव्वारा/ड्रिप पद्धति से अनिवार्य करने वाली पहली परियोजना

राज्य की अन्य प्रमुख परियोजनाएं

परियोजना / बांधनदीजिलाविशेष
बीसलपुरबनासटोंकजयपुर, अजमेर व टोंक को पेयजल; राज्य की प्रमुख पेयजल परियोजना
जवाई बांधजवाईपाली (सुमेरपुर)"मारवाड़ का अमृत सरोवर"; पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा बांध
जाखमजाखमप्रतापगढ़आदिवासी क्षेत्र में सिंचाई; राज्य का सबसे ऊंचा बांध माना जाता है
मेजा बांधकोठारीभीलवाड़ाभीलवाड़ा शहर को पेयजल; "मेजा पार्क"
सोम-कमला-अंबासोमडूंगरपुरआदिवासी क्षेत्र
भीखाभाई सागवाड़ा नहरमाहीडूंगरपुरवागड़ क्षेत्र में सिंचाई
सिद्धमुख-नोहररावी-व्यास का अतिरिक्त जलहनुमानगढ़, चूरूराजीव गांधी सिद्धमुख-नोहर सिंचाई परियोजना
ईसरदाबनाससवाई माधोपुर-टोंकसवाई माधोपुर व दौसा को पेयजल
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संशोधित PKC-ERCP (राम जल सेतु लिंक परियोजना)

पार्वती-कालीसिंध-चंबल व पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का एकीकरण

अति महत्वपूर्ण
  • पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को मध्यप्रदेश की पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से जोड़कर नदी जोड़ो परियोजना के रूप में विकसित किया गया।
  • जनवरी 2024 में केंद्र, राजस्थान व मध्यप्रदेश के बीच समझौता (MoA) हुआ; 17 दिसंबर 2024 को जयपुर में प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया।
  • उद्देश्य — पूर्वी राजस्थान के अनेक जिलों को पेयजल, सिंचाई व उद्योगों के लिए जल उपलब्ध कराना।

जल संरक्षण अभियान व नीति

💧 मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान

27 जनवरी 2016 से प्रारंभ; गांवों को जल आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य। 2024 से इसका दूसरा चरण (MJSA 2.0)।

📜 राज्य जल नीति

राजस्थान राज्य जल नीति — 2010।

🏺 परंपरागत जल स्रोत

टांका, कुंड, नाडी, जोहड़, बेरी, खड़ीन, बावड़ी — विस्तार से बावड़ियां व कुंड पेज पर।

⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) IGNP का उद्गम — हरिके बैराज; राजस्थान में प्रवेश — मसीतावाली हैड। (2) चंबल — 50:50 (राज.-मप्र); माही — 45:55 (राज.-गुजरात)। (3) गंग नहर — 1927, गंगासिंह; भाखड़ा में राज. का हिस्सा — 15.22%।

वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)

  1. सिंचाई का प्रमुख साधन — कुएं व नलकूप; तालाब सिंचाई — भीलवाड़ा।
  2. इंदिरा गांधी नहर के जनक — कंवरसेन; शिलान्यास — 31 मार्च 1958।
  3. इंदिरा गांधी नहर का उद्गम — हरिके बैराज; प्रवेश — मसीतावाली हैड।
  4. राजस्थान नहर का नाम इंदिरा गांधी नहर — 2 नवंबर 1984।
  5. गंग नहर — महाराजा गंगासिंह, 1927; राज्य की प्रथम नहर परियोजना।
  6. भाखड़ा-नांगल में राजस्थान का हिस्सा — 15.22%।
  7. चंबल — 50:50 (राज.-मप्र); माही — 45:55 (राज.-गुजरात)।
  8. नर्मदा नहर का प्रवेश — सीलू (जालोर); ड्रिप/फव्वारा अनिवार्य।
  9. "मारवाड़ का अमृत सरोवर" — जवाई बांध; जयपुर का पेयजल — बीसलपुर।
  10. PKC-ERCP (राम जल सेतु) शिलान्यास — 17 दिसंबर 2024।

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।

1 राजस्थान में सिंचाई का प्रमुख साधन कौन-सा है?

2 इंदिरा गांधी नहर के जनक कौन माने जाते हैं?

3 इंदिरा गांधी नहर का उद्गम कहां से होता है?

4 इंदिरा गांधी नहर राजस्थान में कहां प्रवेश करती है?

5 गंग नहर का निर्माण किसने करवाया?

6 भाखड़ा-नांगल परियोजना में राजस्थान का हिस्सा कितना है?

7 चंबल परियोजना में राजस्थान व मध्यप्रदेश का हिस्सा किस अनुपात में है?

8 माही बजाज सागर बांध किस जिले में है?

9 नर्मदा नहर राजस्थान में कहां प्रवेश करती है?

10 "मारवाड़ का अमृत सरोवर" किसे कहा जाता है?

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