राजस्थान की कृषि
राजस्थान की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या की आजीविका कृषि व पशुपालन पर निर्भर है। राज्य की अधिकांश कृषि मानसून पर आश्रित है, इसलिए इसे "मानसून का जुआ" कहा जाता है। कम वर्षा के बावजूद राजस्थान बाजरा, सरसों, ग्वार, मोठ, इसबगोल और मेथी जैसी फसलों में देश में अग्रणी है।
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राजस्थान की कृषि की विशेषताएं
- कृषि मुख्यतः वर्षा आधारित (बारानी) है; सिंचित क्षेत्र सीमित है और कुएं व नलकूप सिंचाई के मुख्य साधन हैं।
- राज्य के पश्चिमी भाग में शुष्क कृषि (कम पानी वाली फसलें) तथा पूर्वी व दक्षिण-पूर्वी भाग में सिंचित कृषि होती है।
- खरीफ में बोया गया क्षेत्र रबी से अधिक होता है, क्योंकि अधिकांश खेती वर्षा पर निर्भर है।
- बार-बार अकाल व सूखा, मृदा अपरदन, लवणीयता व जलभराव (सेम) प्रमुख समस्याएं हैं।
- पशुपालन कृषि का सबसे बड़ा सहायक व्यवसाय है — अकाल में यही आजीविका का आधार।
💧 चाही
कुएं/नलकूप से सिंचित भूमि।
☁️ बारानी
केवल वर्षा पर निर्भर (असिंचित) भूमि।
🌊 नहरी
नहरों से सिंचित भूमि — श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़।
🏜️ खड़ीन
जैसलमेर में वर्षा जल रोककर की जाने वाली खेती (पालीवाल ब्राह्मण)।
कृषि ऋतुएं (फसल चक्र)
| ऋतु | बुवाई / कटाई | प्रमुख फसलें |
|---|---|---|
| खरीफ (स्यालू / सावणू) | जून-जुलाई / सितंबर-अक्टूबर | बाजरा, मक्का, ज्वार, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, कपास, चावल |
| रबी (उनालू) | अक्टूबर-नवंबर / मार्च-अप्रैल | गेहूं, जौ, चना, सरसों, तारामीरा, जीरा, धनिया, मेथी, इसबगोल, अफीम |
| जायद | मार्च / जून | तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, सब्जियां |
खाद्यान्न फसलें
बाजरा
राज्य में सर्वाधिक क्षेत्रफल वाली फसल · देश में प्रथम
- शुष्क व रेतीली मिट्टी में कम वर्षा (25-50 सेमी) में उगने वाली खरीफ फसल।
- सर्वाधिक क्षेत्रफल — बाड़मेर; पश्चिमी व उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में प्रमुख।
- भारत सरकार के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स (श्रीअन्न) वर्ष घोषित किया।
| फसल | प्रमुख क्षेत्र | विशेष |
|---|---|---|
| गेहूं | श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा | रबी की सबसे प्रमुख खाद्यान्न फसल; श्रीगंगानगर — "राजस्थान का अन्न भंडार" |
| मक्का | उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा | दक्षिणी राजस्थान (आदिवासी क्षेत्र) का मुख्य खाद्यान्न |
| जौ | जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर, भीलवाड़ा | बीयर व माल्ट उद्योग में उपयोग |
| ज्वार | अजमेर, नागौर, टोंक, भीलवाड़ा | खाद्यान्न व पशु चारा |
| चावल | बूंदी, कोटा, बारां, हनुमानगढ़, बांसवाड़ा | सीमित क्षेत्र; चंबल नहर क्षेत्र में |
दलहन व तिलहन
🫘 चना
रबी की प्रमुख दलहन; "दालों का राजा"; चूरू, बीकानेर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़।
🟢 मूंग व मोठ
खरीफ दलहन; मोठ उत्पादन में राजस्थान प्रथम — बीकानेर, चूरू, बाड़मेर।
🌼 सरसों (राई)
सरसों उत्पादन में राजस्थान देश में प्रथम; भरतपुर, अलवर, श्रीगंगानगर, टोंक। सरसों अनुसंधान निदेशालय — सेवर (भरतपुर)।
🥜 मूंगफली
बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, चूरू — रेतीली मिट्टी में।
🫛 सोयाबीन
हाड़ौती (झालावाड़, कोटा, बारां) — काली मिट्टी; "पीला सोना"।
🌻 तारामीरा व तिल
तारामीरा — शुष्क क्षेत्र की रबी तिलहन; तिल — पाली, नागौर, टोंक।
📝 पीली क्रांति का संबंध तिलहन उत्पादन से है। सरसों के कारण राजस्थान को देश के प्रमुख तिलहन राज्यों में गिना जाता है।
नकदी व मसाला फसलें
| फसल | प्रमुख क्षेत्र | विशेष |
|---|---|---|
| कपास | श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ | "सफेद सोना"; अमेरिकन व देसी कपास; बीटी कपास |
| ग्वार | बीकानेर, चूरू, बाड़मेर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ | देश में प्रथम; ग्वार गम का निर्यात (तेल ड्रिलिंग में उपयोग) |
| अफीम | चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, झालावाड़ | "काला सोना"; केंद्र सरकार के लाइसेंस पर खेती |
| गन्ना | श्रीगंगानगर, बूंदी, चित्तौड़गढ़ | सीमित क्षेत्र |
| इसबगोल | जालोर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर | देश में प्रथम; प्रमुख मंडी — भीनमाल (जालोर) |
| जीरा | जालोर, बाड़मेर, नागौर, जोधपुर | प्रमुख मंडी — मेड़ता सिटी (नागौर) |
| धनिया | कोटा, बारां, झालावाड़ | प्रमुख मंडी — रामगंज मंडी (कोटा) |
| मेथी | नागौर, सीकर, झुंझुनूं | देश में प्रथम; नागौरी पान मेथी प्रसिद्ध |
| मेहंदी | सोजत (पाली) | सोजत की मेहंदी को GI टैग |
बागवानी व नई फसलें
🍊 संतरा
झालावाड़ — "राजस्थान का नागपुर"।
🍊 किन्नू
श्रीगंगानगर — "किंग" व "विलो लीफ" किस्मों का संकर नींबू-वंशीय फल।
🌴 खजूर
बीकानेर-जैसलमेर; खजूर फार्म — सगरा भोजका (जैसलमेर)।
🫒 जैतून
राजस्थान ऑलिव कल्टीवेशन लिमिटेड; देश की प्रथम जैतून रिफाइनरी — लूणकरणसर (बीकानेर)।
🌿 जोजोबा (होहोबा)
मरुस्थलीय तिलहन — फतेहपुर (सीकर), ढंड (जयपुर) के फार्म।
🍎 अनार
बाड़मेर-जालोर में तेज़ी से बढ़ती खेती।
कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान व फार्म
| संस्थान / फार्म | स्थान |
|---|---|
| स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय | बीकानेर (1987) — राज्य का प्रथम कृषि विश्वविद्यालय |
| महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय | उदयपुर |
| श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय | जोबनेर (जयपुर) |
| कृषि विश्वविद्यालय | कोटा व जोधपुर |
| राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र | तबीजी (अजमेर) |
| सरसों अनुसंधान निदेशालय | सेवर (भरतपुर) |
| केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान | बीकानेर |
| केंद्रीय राज्य कृषि फार्म | सूरतगढ़ (1956, सोवियत संघ के सहयोग से) — एशिया का सबसे बड़ा यंत्रीकृत फार्म |
| जैतसर कृषि फार्म | श्रीगंगानगर (कनाडा के सहयोग से) |
⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) सर्वाधिक क्षेत्रफल वाली फसल — बाजरा। (2) सरसों अनुसंधान — सेवर (भरतपुर); बीजीय मसाला — तबीजी (अजमेर)। (3) काला सोना — अफीम; सफेद सोना — कपास; पीला सोना — सोयाबीन।
वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)
- राजस्थान की कृषि — "मानसून का जुआ"।
- सर्वाधिक क्षेत्रफल वाली फसल — बाजरा; सर्वाधिक क्षेत्र — बाड़मेर।
- "राजस्थान का अन्न भंडार" — श्रीगंगानगर।
- देश में प्रथम — बाजरा, सरसों, ग्वार, मोठ, इसबगोल, मेथी।
- सरसों अनुसंधान निदेशालय — सेवर (भरतपुर); बीजीय मसाला अनुसंधान — तबीजी (अजमेर)।
- "सफेद सोना" — कपास; "काला सोना" — अफीम; "पीला सोना" — सोयाबीन।
- इसबगोल मंडी — भीनमाल; जीरा मंडी — मेड़ता; धनिया मंडी — रामगंज मंडी।
- सोजत की मेहंदी — GI टैग; "राजस्थान का नागपुर" — झालावाड़।
- प्रथम जैतून रिफाइनरी — लूणकरणसर (बीकानेर)।
- सूरतगढ़ फार्म — 1956, सोवियत संघ; जैतसर — कनाडा।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।
1 राजस्थान में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल कौन-सी है?
2 "राजस्थान का अन्न भंडार" किस जिले को कहा जाता है?
3 सरसों अनुसंधान निदेशालय कहां स्थित है?
4 राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र कहां है?
5 "काला सोना" किस फसल को कहा जाता है?
6 इसबगोल की प्रमुख मंडी कहां है?
7 धनिया की प्रमुख मंडी कौन-सी है?
8 "राजस्थान का नागपुर" किसे कहा जाता है?
9 सूरतगढ़ केंद्रीय कृषि फार्म किस देश के सहयोग से स्थापित हुआ?
10 देश की प्रथम जैतून रिफाइनरी कहां स्थापित की गई?