राजस्थान के प्रमुख राजवंश

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प्राचीन जनपदों के बाद 7वीं-8वीं सदी से राजस्थान में राजपूत राजवंशों का उदय हुआ। इन्होंने लगभग एक हज़ार वर्ष तक यहां शासन किया और विदेशी आक्रमणों का डटकर सामना किया। मेवाड़ के गुहिल-सिसोदिया, मारवाड़ के राठौड़ और आमेर के कछवाहा सबसे प्रमुख राजवंश रहे।

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गुर्जर-प्रतिहार
अरब आक्रमणों के प्रतिरोधक
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मेवाड़
सबसे प्राचीन राजवंश (गुहिल)
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1459
जोधपुर की स्थापना
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1727
जयपुर की स्थापना
📑 विषय सूची 16 टॉपिक

राजवंशों के विस्तृत पेज

इस पेज पर सभी राजवंशों का सारांश है। हर राजवंश के विस्तृत नोट्स, तालिकाओं और MCQ के लिए नीचे दिए पेज खोलें:

गुर्जर-प्रतिहार वंश

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गुर्जर-प्रतिहार

मंडोर व भीनमाल (जालोर) से कन्नौज तक

महत्वपूर्ण
  • प्रतिहार स्वयं को लक्ष्मण का वंशज मानते थे (लक्ष्मण राम के प्रतिहार/द्वारपाल थे)। मंडोर शाखा के संस्थापक हरिश्चंद्र।
  • नागभट्ट प्रथम ने 8वीं सदी में अरब आक्रमणों को रोका; राजधानी भीनमाल।
  • वत्सराज — त्रिपक्षीय संघर्ष (कन्नौज के लिए प्रतिहार, पाल, राष्ट्रकूट) आरंभ; ओसियां के मंदिर।
  • नागभट्ट द्वितीय ने कन्नौज को राजधानी बनाया।
  • मिहिरभोज — सबसे प्रतापी शासक; उपाधि "आदिवराह"। अरब यात्री सुलेमान ने उसे इस्लाम का सबसे बड़ा शत्रु बताया।
  • स्थापत्य की महामारू (गुर्जर-प्रतिहार) शैली इन्हीं के समय विकसित हुई।

चौहान वंश

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शाकंभरी-अजमेर के चौहान

संस्थापक वासुदेव · मूल स्थान सांभर ("सपादलक्ष")

अति महत्वपूर्ण
शासकप्रमुख उपलब्धि
वासुदेवसांभर में चौहान वंश की स्थापना (लगभग 551 ई.); सांभर झील का निर्माता माना जाता है
अजयराज1113 ई. में अजमेर (अजयमेरु) बसाया; तारागढ़ (अजयमेरु दुर्ग) बनवाया
अर्णोराज (आनाजी)अजमेर में आनासागर झील बनवाई; तुर्कों को हराया
विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव)चौहानों का स्वर्णकाल; दिल्ली पर अधिकार; "हरिकेलि" नाटक लिखा; अजमेर में संस्कृत पाठशाला (बाद में "ढाई दिन का झोपड़ा"); "कवि बांधव"; बीसलसर झील
पृथ्वीराज चौहान तृतीय1177-1192; "दल पुंगल", "राय पिथौरा"; तराइन प्रथम (1191) में मुहम्मद गौरी को हराया, तराइन द्वितीय (1192) में पराजित; मंत्री कदंबवास (कैमास); दरबारी कवि चंदबरदाई, जयानक

🏰 रणथंभौर के चौहान

पृथ्वीराज तृतीय के पुत्र गोविंदराज ने स्थापना की। हम्मीर देव (1282-1301) — 17 युद्धों में से 16 जीते; 1301 में अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध में केसरिया, रानी रंगदेवी का जौहर।

⛰️ जालोर के चौहान (सोनगरा)

संस्थापक कीर्तिपाल ("कीतू — एक महान राजा", नैणसी)। कान्हड़देव ने 1311-12 में अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध किया; पुत्र वीरमदेव।

🐅 हाड़ा चौहान (बूंदी-कोटा)

बूंदी — देवा हाड़ा ने 1241 में स्थापना की। कोटा — 1631 में शाहजहां ने माधोसिंह को बूंदी से अलग कर कोटा रियासत दी। हाड़ा शासकों के क्षेत्र को "हाड़ौती" कहा गया।

🗻 सिरोही के चौहान (देवड़ा)

देवड़ा चौहान शाखा; सहसमल ने 1425 में सिरोही नगर बसाया। राव सुरताण ने अकबर से दत्ताणी का युद्ध (1583) जीता।

मेवाड़ के गुहिल-सिसोदिया

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गुहिल वंश (मेवाड़)

संस्थापक गुहादित्य (566 ई.) · विश्व के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले राजवंशों में एक

अति महत्वपूर्ण
शासकप्रमुख उपलब्धि
बप्पा रावल (कालभोज)734 ई. में मान मोरी से चित्तौड़ जीता; हारीत ऋषि के शिष्य; एकलिंगजी मंदिर; राजधानी नागदा; अरबों को हराया
रावल रतनसिंह1303 में अलाउद्दीन खिलजी का आक्रमण; रानी पद्मिनी का जौहर; गोरा-बादल
महाराणा हम्मीरसिसोदा शाखा; 1326 में चित्तौड़ पुनः जीता; "मेवाड़ का उद्धारक", "विषम घाटी पंचानन"; सिंगोली युद्ध में मुहम्मद तुगलक को हराया
महाराणा लाखाजावर में चांदी की खान; पिछोला झील (एक बंजारे द्वारा) बनी
महाराणा मोकलशृंगी ऋषि शिलालेख; समिद्धेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार
महाराणा कुंभा (1433-68)सारंगपुर युद्ध (1437) में महमूद खिलजी को हराया; विजय स्तंभ; 84 में से 32 दुर्ग बनवाए (कुंभलगढ़, अचलगढ़); संगीतराज; "हिंदू सुरताण", "अभिनव भरताचार्य"; पुत्र ऊदा ने हत्या की
राणा सांगा (1509-28)खातोली (1517) व बाड़ी (1518) में इब्राहिम लोदी को, गागरोन (1519) में महमूद खिलजी द्वितीय को हराया; बयाना (1527) जीता, खानवा (1527) में बाबर से पराजित; शरीर पर 80 घाव; "हिंदूपत"; 1528 में कालपी में मृत्यु (विष)
महाराणा उदयसिंहपन्नाधाय ने बचपन में बचाया; 1559 में उदयपुर की स्थापना; उदयसागर झील
महाराणा प्रताप (1572-97)गोगुंदा में राज्याभिषेक (1572); हल्दीघाटी (1576); दिवेर (1582) की विजय; राजधानी चावंड; घोड़ा चेतक; भामाशाह का सहयोग
महाराणा अमरसिंह प्रथम1615 में जहांगीर (खुर्रम) से मुगल-मेवाड़ संधि
महाराणा राजसिंहराजसमंद झील व राजप्रशस्ति; औरंगजेब के जज़िया का विरोध; किशनगढ़ की चारुमती से विवाह; श्रीनाथजी की स्थापना

राठौड़ वंश

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मारवाड़ (जोधपुर) के राठौड़

संस्थापक राव सीहा · कुलदेवी नागणेची

अति महत्वपूर्ण
शासकप्रमुख उपलब्धि
राव सीहामारवाड़ में राठौड़ वंश के संस्थापक; पाली क्षेत्र
राव चूंडामंडोर को राजधानी बनाया
राव जोधा12 मई 1459 को जोधपुर बसाया; मेहरानगढ़ (चिड़ियाटूंक)
राव मालदेव (1532-62)"हशमत वाला राजा"; पाहेबा (साहेबा) युद्ध (1541) में बीकानेर के जैतसी को हराया; गिरि-सुमेल (1544) में शेरशाह से पराजित — शेरशाह: "मुट्ठी भर बाजरे के लिए मैं हिंदुस्तान की बादशाहत खो देता"; जैता-कूंपा का बलिदान
राव चंद्रसेनअकबर की अधीनता अस्वीकार; "मारवाड़ का प्रताप", "भूला-बिसरा राजा"
मोटा राजा उदयसिंहअकबर की अधीनता स्वीकार; पुत्री मानीबाई (जगत गुसाईं) का विवाह जहांगीर से
जसवंतसिंह प्रथमधरमत युद्ध (1658) में औरंगजेब से पराजित; दीवान मुहणोत नैणसी
अजीतसिंहवीर दुर्गादास राठौड़ ने औरंगजेब से बचाकर पाला व गद्दी दिलाई
महाराजा मानसिंहनाथ संप्रदाय के अनुयायी; महामंदिर
उम्मेदसिंहउम्मेद भवन (1929-43)
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बीकानेर के राठौड़

संस्थापक राव बीका (1488) · करणी माता का आशीर्वाद

महत्वपूर्ण
  • राव बीका (राव जोधा के पुत्र) ने 1488 में बीकानेर बसाया (जांगल प्रदेश)।
  • राव जैतसी ने 1534 में बाबर के पुत्र कामरान को हराया (राव जैतसी रो छंद); 1541 में मालदेव से पाहेबा युद्ध में मारे गए।
  • राजा रायसिंह — जूनागढ़ दुर्ग; मुंशी देवीप्रसाद ने इन्हें "राजपूताने का कर्ण" कहा।
  • अनूपसिंह — संस्कृत विद्वान; अनूप संस्कृत पुस्तकालय।
  • महाराजा गंगासिंह — गंगनहर (1927); प्रथम विश्व युद्ध में "गंगा रिसाला"; तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग; "आधुनिक भारत का भगीरथ"।

कछवाहा वंश (आमेर-जयपुर)

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कछवाहा राजवंश

संस्थापक दूल्हेराय (ढूंढाड़, 1137 के आसपास) · स्वयं को राम के पुत्र कुश का वंशज मानते

अति महत्वपूर्ण
शासकप्रमुख उपलब्धि
दूल्हेरायमीणाओं को हराकर दौसा में कछवाहा राज्य की स्थापना
कोकिलदेवआमेर को राजधानी बनाया
भारमल1562 में अकबर की अधीनता स्वीकार करने वाले पहले राजपूत शासक; पुत्री हरखाबाई का विवाह अकबर से
मानसिंह प्रथमअकबर के नवरत्नों में; 7000 का मनसब; हल्दीघाटी में मुगल सेनापति; शिला देवी की प्रतिमा लाए; आमेर महल
मिर्ज़ा राजा जयसिंहपुरंदर की संधि (1665) — शिवाजी से
सवाई जयसिंह द्वितीय1727 में जयपुर की स्थापना (वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य); 5 जंतर-मंतर (जयपुर, दिल्ली, उज्जैन, मथुरा, वाराणसी); अश्वमेध यज्ञ; हुरड़ा सम्मेलन (1734)
ईश्वरीसिंहराजमहल युद्ध (1747) में विजय; विजय स्मारक ईसरलाट (सरगासूली)
सवाई प्रतापसिंहहवा महल (1799); "ब्रजनिधि" नाम से काव्य रचना; चित्रकला का स्वर्णकाल
सवाई रामसिंह द्वितीय1857 में अंग्रेज़ों का साथ; जयपुर को गुलाबी रंगवाया (1876); अल्बर्ट हॉल; मेयो अस्पताल

अन्य प्रमुख राजवंश

🏜️ भाटी (जैसलमेर)

रावल जैसल ने 1155 में जैसलमेर बसाया (पहले राजधानी लोद्रवा)। भाटियों को "उत्तर भड़ किवाड़" (उत्तरी सीमा के रक्षक) कहा गया।

🛡️ जाट (भरतपुर-धौलपुर)

चूड़ामन, बदनसिंह, सूरजमल। सूरजमल — लोहागढ़ (1733) व डीग के महल; "जाटों का प्लेटो / अफलातून"। धौलपुर में भी जाट राजवंश।

🏞️ झाला (झालावाड़)

1838 में कोटा से अलग कर झाला मदनसिंह को झालावाड़ रियासत दी गई — राजस्थान की सबसे नवीन रियासत।

⚔️ नरूका (अलवर)

कछवाहों की नरूका शाखा; प्रतापसिंह ने 1775 में अलवर राज्य की स्थापना की।

🌿 यादव (करौली)

यदुवंशी राजवंश; कुलदेवी कैला देवी; राजा विजयपाल प्रसिद्ध शासक।

🏔️ परमार

आबू, जालोर, किराडू व बांसवाड़ा क्षेत्र में शासन; आबू के परमारों की राजधानी चंद्रावती।

🕌 नवाब (टोंक)

अमीर खां पिंडारी को 1817 में अंग्रेज़ों ने टोंक रियासत दी — राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत।

राजस्थान के नगरों की स्थापना

नगरसंस्थापकवर्ष
अजमेरअजयराज चौहान1113
जैसलमेररावल जैसल1155
जोधपुरराव जोधा1459
बीकानेरराव बीका1488
उदयपुरमहाराणा उदयसिंह1559
जयपुरसवाई जयसिंह द्वितीय1727
अलवर (राज्य)प्रतापसिंह नरूका1775

⚠️ परीक्षा में भ्रम वाले तथ्य: (1) प्रतिहार — मंडोर, भीनमाल, कन्नौज; चौहान — सांभर, अजमेर। (2) गुहिल-सिसोदिया — मेवाड़; राठौड़ — मारवाड़ व बीकानेर; कछवाहा — आमेर-जयपुर। (3) भाटी — जैसलमेर; जाट — भरतपुर-धौलपुर; हाड़ा — बूंदी-कोटा।

वन-लाइनर तथ्य (Quick Revision)

  1. "आदिवराह" — मिहिरभोज (प्रतिहार)।
  2. अजमेर के संस्थापक — अजयराज (1113); आनासागर — अर्णोराज।
  3. "हरिकेलि" नाटक, ढाई दिन का झोपड़ा (पूर्व में संस्कृत पाठशाला) — विग्रहराज चतुर्थ।
  4. तराइन प्रथम (1191) विजय, द्वितीय (1192) पराजय — पृथ्वीराज चौहान तृतीय।
  5. "मेवाड़ का उद्धारक" — महाराणा हम्मीर।
  6. सारंगपुर (1437) व विजय स्तंभ — कुंभा; 84 में से 32 दुर्ग।
  7. खानवा (1527) — राणा सांगा vs बाबर।
  8. "मारवाड़ का प्रताप" — राव चंद्रसेन; "हशमत वाला राजा" — मालदेव।
  9. अकबर की अधीनता स्वीकारने वाला पहला शासक — भारमल (1562)।
  10. जयपुर के वास्तुकार — विद्याधर भट्टाचार्य; हुरड़ा सम्मेलन — 1734।
  11. "राजपूताने का कर्ण" — रायसिंह; "जाटों का प्लेटो" — सूरजमल।
  12. सबसे नवीन रियासत — झालावाड़ (1838); एकमात्र मुस्लिम रियासत — टोंक।

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

विकल्प चुनें — सही उत्तर तुरंत दिखेगा।

1 अजमेर नगर की स्थापना किसने की?

2 "हरिकेलि" नाटक के रचयिता कौन थे?

3 "मेवाड़ का उद्धारक" किसे कहा जाता है?

4 सारंगपुर का युद्ध (1437) किनके बीच हुआ?

5 अकबर की अधीनता स्वीकार करने वाला पहला राजपूत शासक कौन था?

6 गिरि-सुमेल का युद्ध (1544) किनके बीच हुआ?

7 जयपुर नगर के वास्तुकार कौन थे?

8 "राजपूताने का कर्ण" किसे कहा जाता है?

9 राजस्थान की सबसे नवीन रियासत कौनसी थी?

10 "जाटों का प्लेटो" किसे कहा जाता है?

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